150+ Matlabi Duniya Shayari in Hindi – मतलबी दुनिया पर शायरी

Matlabi Duniya Shayari expresses the pain of living among selfish people, fake relationships, and changing emotions. Sometimes, people stay close only for their own benefit, leaving behind hurt, disappointment, and broken trust. These feelings become even harder when money and personal needs matter more than genuine love and respect. If you are looking for Matlabi Duniya Shayari in Hindi, these lines can help you express the reality of a selfish world and the people who change with time.

This collection brings together deep, sad, and heart-touching Matlabi Duniya Shayari in Hindi for anyone who has experienced fake friendships, selfish relationships, or people who only care about their own needs. You will also find Matlabi Paise Ki Duniya Hai Shayari and Duniya Matlabi Hai Shayari that reflect real-life experiences, changing relationships, and the pain of being taken for granted.

Best Matlabi Duniya Shayari

Best Matlabi Duniya Shayari

ज़रूरत तक साथ देते हैं लोग यहाँ,
फिर रास्ते बदल लेते हैं बेवजह यहाँ।

मुस्कुराहट भी अब कीमत माँगती है,
हर रिश्ता यहाँ फायदा जाँचता है।

वक़्त पढ़ने वाले कम रह गए अब,
दिल पढ़ने वाले गुम हो गए अब।

अपनों की भीड़ में तन्हाई मिली हमें,
हर चेहरे के पीछे एक चाल चली हमें।

फ़ायदा जब तक है तब तक यारी है,
वरना सब कुछ सिर्फ़ ख़ुदगर्ज़ी है भारी।

सच बोलने वालों को अकेला छोड़ दिया,
झूठों ने महफ़िल में हमेशा जगह पा लिया।

कल जो साथ खड़े थे वो आज कहाँ गए,
शायद मतलब पूरा हो गया, इसलिए गए।

रिश्तों में भी हिसाब-किताब चलने लगा,
दिल से पहले दिमाग सवाल करने लगा।

सब अपनी राह चलते हैं अपने हिसाब से,
कोई किसी का नहीं इस दुनिया के हिसाब से।

ज़रूरत ख़त्म होते ही पहचान बदल गई,
जो कल तक थी मेरी, वो राह बदल गई।

लोग मिलते हैं सिर्फ़ तब तक जब तक काम हो,
काम निकलते ही फिर वही अंजाम हो।

हर मुस्कुराहट के पीछे एक राज़ छुपा है,
हर रिश्ते में कोई न कोई स्वार्थ बसा है।

दुनिया ने सिखाया है मतलब से पहचान करो,
वरना ख़ुद ही तन्हा रह जाओगे, ये समझ लो।

जो कल तक हमसफ़र थे, आज अजनबी लगते हैं,
वक़्त के साथ लोग भी रंग बदलते लगते हैं।

सबने अपना उल्लू सीधा किया यहाँ,
फिर कहा कि रिश्ता निभाया यहाँ।

दिल से जुड़ना अब पुरानी बात लगती है,
हर मुलाक़ात किसी मक़सद की घात लगती है।

चेहरे पे मुस्कान, दिल में चाल चलते हैं,
यही तो लोग इस दुनिया में रहते-चलते हैं।

ख़ुदगर्ज़ी का लिबास सबने ओढ़ लिया,
इंसानियत को किसी कोने में छोड़ दिया।

Heart Touching Matlabi Duniya Shayari in Hindi

Heart Touching Matlabi Duniya Shayari in Hindi

अपनों की भीड़ में भी अकेलापन मिला,
हर हाथ ने बस मतलब का सहारा दिया।

दिल से जुड़े थे हम, ये सोच कर रोये,
पर उनके लिए हम बस जरूरत के मोहरे थे।

मुस्कुराहट के पीछे स्वार्थ छुपा मिला,
हर रिश्ते में एक हिसाब लिखा मिला।

आंसू बहाए थे जिनके लिए रातभर,
वो निकले सिर्फ फायदे के भूखे इंसान।

सच्चाई की कीमत यहां कोई नहीं देता,
झूठ के सौदागर हर तरफ बिकते नजर आए।

दिल लगाया था हमने बिना शर्त के,
पर दुनिया ने सिखाया, हर रिश्ता मतलब का है।

जरूरत खत्म होते ही रिश्ते भी खत्म हुए,
अपनों का प्यार भी बस दिखावा निकला।

दर्द बांटने वाला कोई नहीं मिला यहां,
फायदा उठाने वालों की भीड़ जरूर मिली।

जिसे अपना समझ के दिल खोल दिया,
उसने मौका देखते ही रिश्ता तोड़ दिया।

वफा की उम्मीद रखना यहां बेकार है,
मतलब की दुनिया में हर कोई बीमार है।

अपनों के दर्द पर भी सियासत होती है,
सच में साथ देने वाला कोई-कोई होता है।

हर मुस्कान के पीछे एक कीमत छुपी है,
हर रिश्ते में कहीं ना कहीं गरज छुपी है।

टूटे दिल की कोई सुनवाई नहीं होती,
यहां हर कोई अपने मतलब में मस्त रहता है।

भरोसा टूटा तो दुनिया समझ आई,
अपने भी बस मतलब के साथी निकले।

दिल के रिश्ते अब दिमाग से बनते हैं,
फायदा देख कर ही लोग करीब आते हैं।

जो कल तक हमसफर बने फिरते थे,
आज मतलब निकलते ही अजनबी बन गए।

दर्द छुपाकर मुस्कुराना सीख लिया है,
क्योंकि यहां कमजोरी दिखाना खतरनाक है।

अपनों से मिला जो जख्म था गहरा,
गैरों की बेरुखी उससे कम तकलीफ देती है।

दिल से रिश्ता निभाने वाले अब कम मिलते हैं,
मतलब से रिश्ता निभाने वाले हर तरफ बिकते हैं।

Deep Matlabi Paise Ki Duniya Hai Shayari

Deep Matlabi Paise Ki Duniya Hai Shayari

कागज़ के टुकड़ों ने दिल बदल दिए सबके,
अब खून के रिश्ते भी हिसाब माँगते हैं।

जिनके लिए रातों को जागे थे हम कभी,
वही अब हमारी खुशियों का मोल लगाते हैं।

ज़माना कह रहा है अपना बना ले दौलत को,
वरना सच्चे लोग भी पराए हो जाते हैं।

मुस्कुराहट भी अब किसी मकसद से मिलती है,
बिना गरज़ कोई हाथ तक नहीं मिलाता।

दुनिया की रीत है ये, नया नहीं लगता,
खाली हाथ इंसान को कोई नहीं पहचानता।

जेब भरी हो तो सब अपने लगने लगते हैं,
गिरते ही वक़्त सब तमाशाई बन जाते हैं।

यहाँ इज़्ज़त भी बैंक के बैलेंस से मिलती है,
वरना सच्चाई की कोई कीमत नहीं होती।

हर रिश्ता अब मुनाफ़े का सौदा लगता है,
बिना फ़ायदे के कोई पास नहीं आता।

सिक्कों की खनक में दब गईं सच्ची बातें,
अब दिल नहीं, तिजोरियाँ तौलते हैं लोग।

अपनों ने भी पैसों से रिश्ता जोड़ लिया है,
खून के बंधन अब कागज़ के मोहताज हैं।

यहाँ वफ़ा भी बिकती है दाम लगाकर,
खालिस मोहब्बत ढूँढने वाले थक जाते हैं।

दुनिया का दस्तूर है, दौलत ही सब कुछ है,
इंसानियत अब किसी काम की नहीं रही।

जो आज सलाम करता है झुककर,
कल वही पराया बन जाएगा पैसों के बिना।

यहाँ चेहरे बदलते हैं जेब देखकर,
असलियत किसी की भी स्थायी नहीं रहती।

Matlabi Duniya Shayari in Hindi

मतलब की इस भीड़ में खोया है इंसान,
रिश्ते भी अब बिज़नेस के सिलसिले लगते हैं।

दौलत के पीछे भागती है ये सारी दुनिया,
सुकून कहीं पीछे छूट गया लगता है।

जहाँ पैसा बोलता है, वहाँ चुप हो जाती है सच्चाई,
यही इस मतलबी दुनिया की रीति है।

Two Line Matlabi Dunia Shayari in Hindi

यहाँ मुस्कान भी बिना वजह नहीं मिलती,
हर हँसी के पीछे कोई गरज़ छुपी होती है।

जेब खाली हो तो साया भी साथ छोड़ देता है,
भरी हो तो अजनबी भी अपना लगने लगता है।

खून के रिश्ते भी अब कागज़ माँगते हैं,
मोहब्बत भी शर्तों पर टिकी नज़र आती है।

दुनिया की रीत है, यहाँ सब बिकता है,
बस दाम लगाने का हुनर चाहिए होता है।

आज जो झुक कर सलाम करता है सामने,
कल वही पहचानने से मुकर जाता है।

यहाँ वफ़ा भी सौदा बन गई है आजकल,
बिना फ़ायदे के कोई साथ नहीं निभाता।

अपनों ने भी तराज़ू में तोल लिया मुझको,
जब देखा जेब खाली है तो मुँह मोड़ लिया।

इज़्ज़त भी अब बैंक बैलेंस से मिलती है यहाँ,
सच्चाई का यहाँ कोई मोल नहीं रहा।

हर मुलाक़ात के पीछे कोई मक़सद छुपा है,
बिना ग़रज़ यहाँ कोई हाथ नहीं मिलाता।

रिश्तों का बाज़ार सजा है हर तरफ़ यहाँ,
हर चेहरे पे कीमत लिखी नज़र आती है।

गिरते ही वक़्त सब तमाशाई बन गए,
जो कल तक अपना कहलाते थे वही।

दौलत के पीछे भागती है ये सारी दुनिया,
सुकून कहीं पीछे छूट गया लगता है।

सच बोलने वाला यहाँ अकेला रह जाता है,
झूठ की महफ़िल में भीड़ ज़्यादा लगती है।

मतलब की इस भीड़ में इंसान खो गया है,
रिश्ते भी अब कारोबार से लगते हैं।

Matlabi Duniya Shayari in Hindi

जो कल तक साये की तरह साथ था मेरे,
आज मतलब पूरा होते ही गायब हो गया।

यहाँ चेहरे बदलते हैं जेब देख कर,
असलियत किसी की स्थायी नहीं रहती।

जहाँ पैसा बोलता है, वहाँ चुप हो जाती है सच्चाई,
यही तो इस मतलबी दुनिया की रीत है।

Real Matlab Ki Duniya Shayari

मतलब की भाषा हर कोई समझ लेता है यहाँ,
दिल की भाषा समझने वाला कोई नहीं मिलता।

फ़ायदा हो तो अजनबी भी गले लगा लेते हैं,
नुकसान हो तो अपने भी पहचानने से इनकार करें।

यहाँ हर मुस्कान के पीछे एक हिसाब छुपा है,
बिना वजह कोई किसी का साथ नहीं देता।

वक़्त पड़ने पर असली चेहरे सामने आते हैं,
तब पता चलता है कौन अपना, कौन पराया था।

ज़रूरत ने सिखा दिया है सबको यहाँ जीना,
इंसानियत अब किताबों में ही बाकी रह गई।

काम की बात हो तो हर कोई क़रीब आता है,
दिल की बात करो तो सब दूर हो जाते हैं।

आज जो हाथ थामे खड़े हैं मुस्कुरा कर,
कल फ़ायदा खत्म होते ही अनजान बन जाएंगे।

सच कहने वाले यहाँ अकेले छोड़ दिए जाते हैं,
झूठ बोलने वालों की महफ़िल सजी रहती है।

जिनसे उम्मीद थी साथ निभाने की हमेशा,
वही सबसे पहले मतलब निकाल कर चल दिए।

यहाँ हर रिश्ता एक शर्त पर टिका हुआ है,
शर्त पूरी न हो तो रिश्ता भी टूट जाता है।

दिखावे की दुनिया में असली लोग कम मिलते हैं,
जो मिलते हैं, वो भी वक़्त के साथ बदल जाते हैं।

ज़रूरत के रिश्ते बड़े प्यारे लगते हैं शुरू में,
काम निकलते ही उनकी असलियत सामने आती है।

Matlabi Duniya Shayari in Hindi

यहाँ हर कोई अपने फ़ायदे का हिसाब रखता है,
किसी और की तकलीफ़ से किसी को फ़र्क नहीं पड़ता।

जो लोग मुश्किल में साथ छोड़कर चले गए,
आज आसानी देख कर फिर से लौट आए हैं।

मतलब पूरा होते ही निगाहें भी बदल जाती हैं,
यही तो इस दुनिया का सबसे पुराना दस्तूर है।

असली दुनिया वही है जो मुश्किल में साथ दे,
बाकी सब तो बस मतलब के साथी होते हैं।

Sad Duniya Matlabi Hai Shayari

जिस राह पर हम अकेले चलते रह गए,
वहाँ कभी भीड़ हुआ करती थी हमारे साथ।

दुख की घड़ी में सब साथ छोड़ जाते हैं,
सुख में लौट आना यहाँ का चलन बन गया है।

उदासी में साथ देने वाला ढूंढते रह गए,
मिला तो बस मतलब का एक तमाशा मिला।

रोते हुए भी हम मुस्कुरा कर मिलते रहे,
क्योंकि यहाँ कमज़ोरी दिखाना गुनाह बन जाता है।

जिनसे उम्मीद थी दर्द बाँटेंगे मेरे साथ,
वही मेरी तकलीफ़ में तमाशा देख रहे थे।

यहाँ ग़म भी अकेले ही सहने पड़ते हैं,
बाँटने चलो तो कोई सुनने वाला नहीं मिलता।

जो साथ थे मुश्किल की हर घड़ी में कभी,
आज मेरे उदास होने पर भी अंजान बने हैं।

दिल टूटा तो पता चला कौन असली था,
बाकी सब तो बस ज़रूरत के साथी निकले।

रोने की वजह पूछने वाला भी नहीं मिलता,
मिलता है तो बस मतलब पूछने वाला मिलता है।

आँसुओं की कीमत यहाँ कोई नहीं समझता,
मुस्कान का भी यहाँ बस सौदा होता है।

उदास शामें अकेले ही गुज़ारनी पड़ती हैं,
साथ देने वाले सिर्फ़ धूप में नज़र आते हैं।

दर्द में डूबे रहे हम, किसी को फ़र्क नहीं पड़ा,
यही सच है इस मतलबी दुनिया का हर कहीं।

जिसे अपना समझ के दिल की बात कही,
उसी ने मेरा दर्द भी सौदे में बदल दिया।

ग़म के दिनों में सन्नाटा ही साथी बनता है,
हमदर्द बनने वाले बस ज़ुबानी होते हैं यहाँ।

टूट कर बिखरे तो कोई समेटने नहीं आया,
सब तमाशा देखते रहे दूर खड़े होकर।

उदासी बाँटने चला था अपनों के दर पर,
मिला वहाँ भी बस एक हिसाब-किताब मिला।

सच कहूं तो दर्द भी यहाँ अकेला ही रहता है,
मतलब की दुनिया में ग़म का कोई साथी नहीं होता।

Emotional Matlabi Duniya Par Shayari

दिल से जुड़े थे हम, दिमाग़ से जुड़ी थी दुनिया,
यही फ़र्क़ हमें हर बार तनहा कर गया।

भरोसा करना सीखा था अपनों पर आँख बंद करके,
आँख खुली तो सामने बस मतलब खड़ा मिला।

जज़्बात लेकर चले थे हम इस दुनिया में,
लौटे तो हिसाब-किताब सीख कर लौटे।

जिन्हें दिल का हाल बताया था रो-रो कर,
उन्होंने ही मेरी कमज़ोरी का फ़ायदा उठाया।

एहसास की कीमत यहाँ कोई नहीं समझता,
यहाँ तो बस फ़ायदे की भाषा समझी जाती है।

Matlabi Duniya Shayari in Hindi

मासूमियत लेकर जो निकले थे इस सफ़र में,
अब हर मुस्कान में एक शक ढूंढते हैं हम।

भावनाओं में बहकर जिसे अपना बना लिया,
उसी ने मौका देख कर पीठ दिखा दी।

दिल की सुनने वाला यहाँ कोई नहीं मिलता,
दिमाग़ से जीने वाले ही कामयाब होते हैं।

जिस एहसास पर हमें नाज़ था कभी,
उसी एहसास ने हमें सबसे ज़्यादा तोड़ा है।

भरोसे की डोर बहुत कमज़ोर निकली आख़िर,
मतलब की आँधी में वो भी टूट गई।

जज़्बाती हो कर जीने वालों को यहाँ,
अक्सर धोखे ही नसीब में लिखे मिलते हैं।

दिल दे कर सोचा था रिश्ता निभेगा सदा,
पर यहाँ दिल नहीं, फ़ायदा देखा जाता है।

मासूम एहसासों को यहाँ कमज़ोरी समझा जाता है,
और उसी कमज़ोरी का सौदा किया जाता है।

सच्चे जज़्बात लेकर जो लोग आगे बढ़े,
वही सबसे पहले ठोकर खा कर गिरे यहाँ।

एहसासों की भाषा अब कोई नहीं समझता यहाँ,
हर तरफ़ बस मतलब की बोली बोली जाती है।

दिल से किया हर रिश्ता आख़िर में टूट गया,
दिमाग़ से बनाए रिश्ते ही यहाँ टिकते हैं।

भावुक हो कर हमने जो भी अपना समझा,
वक़्त ने साबित किया वो सिर्फ़ मतलब का था।

Conclusion

In a selfish world, relationships often lose their true value when money and personal benefits come first. But not every bond is based on selfishness. True relationships are those that stay with you during difficult times and offer love, respect, and support without expecting anything in return. Value the people who hold your hand even when you have nothing to give. After all, the worth of a relationship is not measured by money, but by trust, loyalty, and genuine care.

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